Shahdol Fake Currency Case: शहडोल में जाली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पांच आरोपी गिरफ्तार, 8.71 लाख रुपये की नकली करेंसी जब्त

शहडोल। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में पुलिस ने जाली नोट छापने और बाजार में खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। खैरहा थाना पुलिस ने छिरहटी गांव के जंगल में दबिश देकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 500 और 200 रुपये के कुल 1803 जाली नोट बरामद किए हैं। इनकी कुल कीमत 8 लाख 71 हजार 200 रुपये है। कार्रवाई के दौरान नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल किया जाने वाला प्रिंटर और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और जाली नोटों की सप्लाई के नेटवर्क की जांच कर रही है।
मुखबिर की सूचना पर जंगल में पुलिस की दबिश
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि खैरहा थाना क्षेत्र के ग्राम छिरहटी के जंगल में कुछ लोग बड़ी मात्रा में जाली भारतीय करेंसी लेकर मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। जंगल में मौजूद संदिग्धों को पकड़कर उनकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में 500 और 200 रुपये के जाली नोट बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
500 रुपये के 1702 और 200 रुपये के 101 नकली नोट मिले
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से 500 रुपये के 1702 जाली नोट और 200 रुपये के 101 जाली नोट बरामद किए गए हैं। इस तरह कुल 1803 नकली नोट जब्त हुए हैं। इन नोटों की गणना के अनुसार कुल राशि 8 लाख 71 हजार 200 रुपये होती है। पुलिस ने जाली नोट बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा एक प्रिंटर और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम आए सामने
पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें अरविंद सिंह (28 वर्ष), निवासी ग्राम अर्जुली, थाना खैरहा, जिला शहडोल और मनीष कुमार सिंह (33 वर्ष), निवासी डिंडौरी शामिल हैं। इसके अलावा अनिल कुमार उरैती (36 वर्ष), निवासी ग्राम लालपुर, थाना गाड़ासरई तथा नहने सिंह मरकाम (54 वर्ष) और शरद सिंह मरावी (34 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम बोंदर, थाना गाड़ासरई, जिला डिंडौरी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर जाली नोटों के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
कहां छप रहे थे नकली नोट, पुलिस कर रही जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जाली नोट किस स्थान पर तैयार किए जा रहे थे और इन्हें किन इलाकों में चलाने की योजना थी। इसके साथ ही आरोपियों के संपर्क में रहने वाले लोगों और जाली करेंसी की सप्लाई से जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस मामले में कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
एसडीओपी धनपुरी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
जाली नोटों के खिलाफ यह कार्रवाई एसडीओपी धनपुरी विकास पांडेय के नेतृत्व में की गई। खैरहा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक उमाशंकर चतुर्वेदी और उनकी टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश के साथ यह भी जांच की जा रही है कि जाली नोट पहले किन स्थानों पर खपाए गए हैं।





