Gwalior Road Quality: NHAI-PWD की सड़कों के सैंपल फेल, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
Gwalior Road Quality: NHAI-PWD की सड़कों के सैंपल फेल, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

ग्वालियर। शहर की खराब सड़कों और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने NHAI और PWD से जवाब मांगा है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ के सामने कोर्ट द्वारा गठित कमीशन की जांच रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें NHAI की मेहरा टोल से सिकरौदा चौराहा और PWD की एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री रोड के पैच से लिए गए अधिकांश सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए।
मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी।
मेहरा टोल-सिकरौदा सड़क के अधिकांश सैंपल फेल
कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक मेहरा टोल से सिकरौदा चौराहा के बीच NHAI के अधीन सड़क से लिए गए अधिकांश नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।
इस सड़क की जांच के लिए हाईकोर्ट के निर्देश पर सड़क की परतों को खोदकर कोर सैंपल लिए गए थे। जांच में डामर, गिट्टी और बेस लेयर सहित निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से जुड़े तकनीकी पहलुओं को देखा गया था।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि नेटवर्क सर्वे व्हीकल (NSV) की अंतरिम रिपोर्ट में सड़क निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।
हर छह महीने होने वाले NSV सर्वे पर भी सवाल
सुनवाई के दौरान यह मुद्दा भी सामने आया कि NHAI की ओर से हर छह महीने होने वाला NSV सर्वे नहीं कराया गया। रिपोर्ट से संबंधित दस्तावेज भी विभाग की ओर से कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
हाईकोर्ट की निगरानी में सड़क की सैंपलिंग और तकनीकी जांच की प्रक्रिया पहले ही शुरू की गई थी। कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत व्यवस्था तय की थी कि सैंपल मौके पर सील किए जाएं और अलग-अलग प्रयोगशालाओं में उनकी जांच हो।
PWD की एजी ऑफिस-विक्की फैक्ट्री रोड भी जांच में फेल
इसी तरह एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री रोड के PWD पैच से लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट में भी गुणवत्ता से जुड़ी कमियां सामने आने की जानकारी दी गई है।
कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक इस सड़क के निर्माण में निर्धारित मानकों के पालन को लेकर सवाल सामने आए हैं। इसके बाद हाईकोर्ट ने PWD और NHAI के अधिवक्ताओं को जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराते हुए दोनों विभागों से जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
ग्वालियर की सड़कों की गुणवत्ता पर लगातार हो रही जांच
ग्वालियर की सड़कों की खराब स्थिति को लेकर हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान इससे पहले भी कई सड़कों के सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए हैं।
चेतकपुरी से चौपाटी रोड सहित अन्य सड़कों के नमूनों की जांच रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश की जा चुकी है। एक रिपोर्ट में बिटुमिन कंटेंट, ग्रेडिंग, घनत्व और बाइंडर कंटेंट जैसे तकनीकी मानकों में कमियां सामने आने की जानकारी दी गई थी।
इसी क्रम में हाईकोर्ट द्वारा गठित कमीशन ने अलग-अलग सड़कों का मौके पर निरीक्षण कर सैंपल जुटाए हैं।
सड़क धंसने की घटनाओं पर भी उठे सवाल
ग्वालियर में सड़क धंसने की घटनाएं भी लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान सड़क निर्माण की गुणवत्ता और सड़क धंसने से जुड़े मामलों की जांच का दायरा लगातार बढ़ा है।
मेहरा टोल-सिकरौदा मार्ग की जांच के दौरान हाईकोर्ट की टीम ने सड़क की परतें खुलवाकर अलग-अलग स्थानों से सैंपल लिए थे। इन सैंपलों की जांच में निर्माण सामग्री और सड़क की विभिन्न परतों की गुणवत्ता को परखा गया।
कमीशन के काम की हाईकोर्ट ने की सराहना
सड़क निर्माण की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए हाईकोर्ट द्वारा गठित कमीशन ने मौके पर जाकर सैंपलिंग और तकनीकी जांच की। सुनवाई के दौरान पीठ ने कमीशन के अधिवक्ताओं गौरव समाधिया और हिमांशु शर्मा के काम की सराहना की।
कोर्ट ने कहा कि शहर की सड़कों की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए कमीशन ने जमीनी स्तर पर सराहनीय कार्य किया है। सैंपल जुटाने और तकनीकी पहलुओं को रिकॉर्ड पर लाने की प्रक्रिया को भी महत्व दिया गया।
5 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
अब हाईकोर्ट ने NHAI और PWD से कमीशन की रिपोर्ट पर जवाब मांगा है। दोनों विभागों की ओर से अगली सुनवाई में अपना पक्ष रखा जाएगा।
मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। उस दिन सड़क निर्माण की गुणवत्ता, कमीशन की रिपोर्ट और संबंधित विभागों के जवाब के आधार पर हाईकोर्ट की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।





