इंदौर में लोकतंत्र बचाओ रैली के दौरान हंगामा, 30 हजार के बल्ब और 33 हजार के फिनाइल का पोस्टर दिखाने पर भड़के कैलाश विजयवर्गीय

इंदौर में बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब सोशल वर्कर प्रहलाद पांडे नगर निगम की खरीदी से जुड़ा पोस्टर लेकर मंच के सामने पहुंच गए। पोस्टर पर 30 हजार रुपए के बल्ब और 33 हजार रुपए के फिनाइल की खरीदी का उल्लेख था। पोस्टर देखते ही कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय नाराज हो गए और उन्होंने मंच से ही पुलिस अधिकारियों को बुलाकर प्रहलाद पांडे को वहां से हटाने के निर्देश दिए।
पोस्टर देखते ही रोका भाषण और पुलिस को बुलाया
रैली में मंच से नेता लोकतंत्र बचाने और अराजकता हटाने की बात कर रहे थे। इसी दौरान प्रहलाद पांडे हाथ में पोस्टर लेकर मंच के सामने पहुंच गए। पोस्टर पर नगर निगम की खरीदी को लेकर सवाल उठाए गए थे।
पोस्टर पर नजर पड़ते ही कैलाश विजयवर्गीय ने अपना भाषण रोक दिया और पुलिस अधिकारियों को आवाज लगाई। उन्होंने प्रहलाद पांडे को ‘न्यूसेंस’ बताते हुए कहा कि पुलिस अधिकारी यहां आएं।
मंत्री ने पुलिस को दिए पोस्टर जब्त करने के निर्देश
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जहां जवाब देना होगा, वहां जवाब दे दिया जाएगा। इसके बाद उन्होंने पुलिस से पोस्टर लेने और प्रहलाद पांडे को कुछ देर के लिए गाड़ी में बैठाकर वहां से ले जाने को कहा। मंत्री के निर्देश के बाद पुलिसकर्मियों ने पोस्टर जब्त किया और प्रहलाद पांडे को रैली स्थल से ले गए।
मंत्री की टिप्पणी का वीडियो वायरल
इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने प्रहलाद पांडे पर नाराजगी जताते हुए अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया। उनका यह बयान और पुलिस को दिए गए निर्देशों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
लोकतंत्र बचाओ रैली में सवाल उठाने पर विवाद
नगर निगम की खरीदी में बल्ब और फिनाइल की कीमतों को लेकर उठाए गए सवाल और उस पर मंत्री की प्रतिक्रिया के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। मामला अब सिर्फ खरीदी की कीमतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रैली के मंच पर विरोध और सवाल उठाने के तरीके को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल कर रहे हैं कि यदि पोस्टर में लगाए गए आरोप गलत थे, तो उनका जवाब देने के बजाय प्रदर्शनकारी को वहां से हटाने की जरूरत क्यों पड़ी।





