उज्जैन में CM मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला, बोले- चुनाव हार गए तो 5 साल मेहनत करें, संस्थाओं को चुनौती न दें

उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को उज्जैन में आयोजित किसान सम्मान निधि कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा है। यदि कोई दल चुनाव हारता है तो उसे अगले 5 साल जनता के बीच मेहनत कर अपना विश्वास मजबूत करना चाहिए, न कि देश की संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती देनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि कुछ हजार लोगों के प्रदर्शन के जरिए देश की चुनी हुई संस्थाओं को चुनौती देना उचित नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और लोकतांत्रिक व्यवस्था का उल्लेख करते हुए सभी से संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करने की अपील की।
पीएम किसान सम्मान निधि को बताया किसानों के सम्मान का प्रतीक
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और किसानों के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नारे 'जय जवान, जय किसान' को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता पहुंचाकर इस भावना को आगे बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से किसानों के खातों में सम्मान निधि की राशि पहुंचाई जा रही है। यह केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सरकार और किसानों के बीच सम्मान और विश्वास का रिश्ता है।
सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन में विकास कार्यों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल की नगरी उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां चल रही हैं। शहर में सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सिंहस्थ तक उज्जैन विकास और समृद्धि के नए मुकाम हासिल करेगा।
आगर रोड एलिवेटेड कॉरिडोर पर दिया सुझाव
सीएम ने आगर रोड पर बन रहे एलिवेटेड कॉरिडोर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण से बड़े वाहनों की आवाजाही आसान होगी और नीचे सड़क पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सुझाव दिया कि एलिवेटेड कॉरिडोर से एक रास्ता सीधे मंडी की ओर भी निकाला जाए, ताकि मंडी आने-जाने वाले वाहनों को सुविधा मिले और मुख्य सड़क पर यातायात का दबाव कम हो।





