इंदौर में ‘नो UPI डे’, QR कोड पर काला कपड़ा; ₹2 हजार से ज्यादा के UPI शुल्क का व्यापारियों ने किया विरोध

इंदौर में ‘नो UPI डे’, QR कोड पर काला कपड़ा; ₹2 हजार से ज्यादा के UPI शुल्क का व्यापारियों ने किया विरोध
इंदौर। ₹2,000 से अधिक के पात्र UPI मर्चेंट लेन-देन पर प्रस्तावित 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में इंदौर के व्यापारियों ने बुधवार को ‘नो UPI डे’ मनाया। शहर के कई बाजारों में व्यापारियों ने दुकानों पर लगे UPI QR कोड और पेमेंट स्कैनर को काले कपड़े से ढक दिया और प्रतीकात्मक रूप से UPI भुगतान स्वीकार नहीं किया।
यह अभियान अहिल्या चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के आह्वान पर आयोजित किया गया। इंदौर के 125 से अधिक व्यापारिक संगठनों ने अभियान में समर्थन जताया था। व्यापारियों ने इसे शांतिपूर्ण और सांकेतिक विरोध बताते हुए प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की।
राजबाड़ा के पीछे QR बॉक्स पर काला कपड़ा
बुधवार दोपहर राजबाड़ा के पीछे मुख्य बाजार में व्यापारियों ने अपने UPI बारकोड बॉक्स एकत्र किए और उन्हें सामूहिक रूप से काले कपड़े से ढककर विरोध दर्ज कराया। इसके अलावा एसोसिएशन से जुड़े कई प्रतिष्ठानों पर ‘नो UPI डे’ के पोस्टर भी लगाए गए।
व्यापारियों ने ग्राहकों से भी अभियान में सहयोग करने और एक दिन UPI के बजाय नगद या अन्य भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल करने की अपील की।
व्यापारियों को अतिरिक्त लागत की चिंता
इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन सहित व्यापारिक संगठनों का कहना है कि बड़े मूल्य के UPI लेन-देन पर MDR लागू होने से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। खासकर कम मार्जिन वाले खुदरा कारोबार में व्यापारियों का कहना है कि अतिरिक्त लेन-देन लागत उनके लिए चिंता का विषय है।
व्यापारियों ने सरकार से प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है। इंदौर में इस मुद्दे को लेकर पिछले कुछ दिनों से पोस्टर और जनसंपर्क अभियान भी चलाया जा रहा था।
ग्राहकों से भी एक दिन UPI नहीं करने की अपील
‘नो UPI डे’ अभियान के तहत व्यापारियों ने ग्राहकों से भी एक दिन UPI का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की। व्यापारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य ग्राहकों को असुविधा देना नहीं, बल्कि प्रस्तावित मर्चेंट शुल्क को लेकर अपनी चिंता शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक तरीके से दर्ज कराना है।
व्यापारियों ने ग्राहकों से संभव होने पर नगद या अन्य वैकल्पिक भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल करने को कहा।
₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर क्या है प्रस्ताव?
नई MDR व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के पात्र Person-to-Merchant (P2M) UPI लेन-देन पर 0.4% MDR लागू होना है। ₹75,000 या उससे अधिक के लेन-देन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 रखी गई है। यह शुल्क व्यापारी पक्ष से संबंधित है; इसे सीधे ग्राहक से वसूलने की अनुमति नहीं है।
मसलन, ₹10,000 के पात्र UPI मर्चेंट भुगतान पर 0.4% की दर के हिसाब से MDR ₹40 होगा। हालांकि, सभी UPI लेन-देन इस शुल्क के दायरे में नहीं आते और कुछ श्रेणियों के लिए अलग प्रावधान हैं।
व्यापारियों का कहना- डिजिटल भुगतान के खिलाफ नहीं हैं
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि उनका विरोध UPI या डिजिटल भुगतान व्यवस्था के खिलाफ नहीं है। उनकी आपत्ति बड़े मूल्य के लेन-देन पर प्रस्तावित अतिरिक्त लागत को लेकर है।
इंदौर में हुए ‘नो UPI डे’ को इसी मांग को सरकार और संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाने के लिए एक दिन के प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर देखा जा रहा है। बुधवार को मध्यप्रदेश के अन्य शहरों में भी व्यापारियों ने QR कोड ढककर विरोध दर्ज कराया।
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