MP News: इटारसी में चाइनीज मांझे से दो लोग घायल, हेलमेट पहने फैक्ट्री कर्मचारी की नाक और अंगूठा कटा

मध्य प्रदेश के इटारसी में चाइनीज मांझे का खतरा एक बार फिर सामने आया है। ओवरब्रिज से गुजर रहे दो लोग मांझे की चपेट में आकर घायल हो गए। इनमें सिटी थाने के कॉन्स्टेबल अफजल खान और ऑर्डनेंस फैक्ट्री की कर्मचारी दीक्षा चौधरी शामिल हैं। दीक्षा ने हेलमेट पहन रखा था, इसके बावजूद मांझा उनकी नाक को काटता हुआ निकल गया। वहीं, कॉन्स्टेबल के माथे और कान पर गंभीर कट लगे हैं, जिन पर कुल 8 टांके आए हैं।
हेलमेट पहने होने के बावजूद दीक्षा के चेहरे पर लगा कट
ऑर्डनेंस फैक्ट्री कर्मचारी दीक्षा चौधरी ने बताया कि वे शाम करीब 5:30 बजे फैक्ट्री से घर लौट रही थीं। ओवरब्रिज से उतरते समय अचानक मांझा उनके हेलमेट से टकराया। वे कुछ समझ पातीं, उससे पहले मांझा उनकी नाक के ऊपर से रगड़ता हुआ निकल गया।
मांझे को हाथ से हटाने की कोशिश में उनकी उंगली और अंगूठे पर भी कट लग गए। दीक्षा पहले अस्पताल पहुंचीं और इलाज कराने के बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई।
कॉन्स्टेबल के माथे और कान पर आए 8 टांके
सिटी थाने के कॉन्स्टेबल अफजल खान ने बताया कि वे अवाम नगर में रहते हैं। उनकी पत्नी सुखतवा में शिक्षक हैं। शनिवार को वे पत्नी को लेने ओवरब्रिज पहुंचे थे। नर्मदापुरम से इटारसी लौटते समय अचानक मांझा उनके सिर और कान के पास उलझ गया।
उन्होंने बाइक रोककर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद उन्हें शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान माथे पर 6 और कान पर 2 टांके लगाए गए।
चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर कार्रवाई करेगी पुलिस
सिटी थाना प्रभारी सौरभ पांडेय ने बताया कि पुलिस शनिवार को बाजार क्षेत्र में चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई करेगी। प्रतिबंध के बावजूद इसका इस्तेमाल लोगों की जान और सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है।
कैसे बनाया जाता है चाइनीज मांझा?
चाइनीज मांझे को प्लास्टिक मांझा भी कहा जाता है। यह सामान्य सूती धागे से अलग होता है। इसे नायलॉन और मेटेलिक पाउडर से तैयार किया जाता है। इसकी धार बढ़ाने के लिए इस पर कांच या लोहे का चूरा भी लगाया जाता है। यही वजह है कि इसकी चपेट में आने पर गंभीर चोट लग सकती है।
बनाने और बेचने पर हो सकती है जेल
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत प्रतिबंधित मांझे के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर कार्रवाई का प्रावधान है। इसके उल्लंघन पर 5 साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा संबंधित दुकान को सील करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
कई राज्यों में चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध
देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सिंथेटिक, नायलॉन और धातु या कांच से लेपित खतरनाक मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है।
- दिल्ली: वर्ष 2017 से चीनी मांझे पर प्रतिबंध है।
- हरियाणा: गुरुग्राम में 2025 में स्वतंत्रता दिवस से पहले चीनी मांझे और अन्य सिंथेटिक धागों की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर रोक लगाई गई।
- कर्नाटक: राज्य में सभी प्रकार के मांझे पर प्रतिबंध लगाया गया है।
- महाराष्ट्र: कांच-लेपित सूती धागे और अन्य खतरनाक मांझे पर रोक है।
- पश्चिम बंगाल: चीनी मांझे की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल प्रतिबंधित है।
- चंडीगढ़: सिंथेटिक और नायलॉन धागों की बिक्री व उपयोग पर रोक है।
इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, पंजाब, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और असम में भी सरकारें समय-समय पर खतरनाक मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाती रही हैं।





