Karwa Chauth 2026: एमपी में चांद निकलने का समय, भोपाल में 8:26 और इंदौर में 8:34 बजे होंगे चंद्र दर्शन

Karwa Chauth 2026: एमपी में चांद निकलने का समय, भोपाल में 8:26 और इंदौर में 8:34 बजे होंगे चंद्र दर्शन
मध्य प्रदेश में गुरुवार, 29 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा। महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना के साथ दिनभर उपवास करेंगी और रात में चंद्र दर्शन के बाद पूजा-अर्चना कर व्रत खोलेंगी। इस बार प्रदेश के अलग-अलग शहरों में चांद निकलने के समय में करीब 40 मिनट का अंतर रहेगा। खगोलीय गणना के मुताबिक, सबसे पहले सिंगरौली में रात 8:01 बजे और सबसे आखिर में आलीराजपुर में रात 8:41 बजे चांद दिखाई देने का अनुमान है।
भोपाल में रात 8:26 बजे और इंदौर में 8:34 बजे चंद्र दर्शन का अनुमान है। हालांकि, बादल और बारिश के कारण कई जगहों पर चांद दिखाई देने में देरी हो सकती है।
एमपी के प्रमुख शहरों में चांद निकलने का समय
- सिंगरौली: रात 8:01 बजे
- भोपाल: रात 8:26 बजे
- इंदौर: रात 8:34 बजे
- आलीराजपुर: रात 8:41 बजे
ये समय चंद्रमा के क्षितिज पर उदित होने के अनुमानित समय हैं। स्थानीय मौसम और भौगोलिक स्थिति के कारण वास्तविक चंद्र दर्शन कुछ देर बाद हो सकते हैं।
बारिश और बादलों से बढ़ सकता है इंतजार
नेशनल अवॉर्डी विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के मुताबिक, मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी जिलों के बीच भौगोलिक दूरी के कारण चंद्रोदय के समय में अंतर आता है। पूर्वी हिस्से में स्थित सिंगरौली में चांद पहले दिखाई देगा, जबकि पश्चिमी छोर पर बसे आलीराजपुर में इसके दर्शन बाद में होंगे।
मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में बारिश की संभावना है। वहीं भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में बादल छाए रह सकते हैं। ऐसे में चांद देखने के लिए महिलाओं को तय समय से अधिक इंतजार करना पड़ सकता है।
सुबह सरगी से शुरू होगा व्रत
करवा चौथ पर व्रत शुरू करने से पहले सुबह सरगी खाने की परंपरा है। सास अपनी बहू को सरगी देती हैं, जिसमें फल, मेवे, मिठाई और फेनी जैसी चीजें शामिल होती हैं। दिनभर निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए सुबह संतुलित और पौष्टिक आहार लेना उपयोगी हो सकता है।
चंद्र दर्शन और पूजा के बाद खोलें व्रत
करवा चौथ पर महिलाएं गणेश जी, चौथ माता और चंद्र देव की पूजा करती हैं। चंद्रमा के दर्शन के बाद अर्घ्य देकर व्रत खोलने की परंपरा है। मौसम के कारण चांद दिखाई न देने की स्थिति में पूजा की विधि के लिए स्थानीय परंपरा या जानकार पंडित से सलाह ली जा सकती है।
ध्यान दें: चांद निकलने के समय शहर और स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। यात्रा या पूजा की तैयारी करने से पहले स्थानीय मौसम और चंद्रोदय के समय की पुष्टि कर लें।
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