मध्यप्रदेश में अग्निवीरों के लिए 20% आरक्षण की तैयारी, 6 सरकारी सेवाओं में मिलेगा लाभ; कैबिनेट के बाद होगा अंतिम फैसला</span>
मध्यप्रदेश में अग्निवीरों के लिए 20% आरक्षण की तैयारी,</span> 6 सरकारी सेवाओं में मिलेगा लाभ; कैबिनेट के बाद होगा अंतिम फैसला

भोपाल। मध्यप्रदेश में चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता आसान करने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार अग्निवीरों के लिए प्रस्तावित आरक्षण को 10% से बढ़ाकर 20% करने पर नए सिरे से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस संबंध में नया प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार की यह कवायद इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुई पहली बैच के अग्निवीरों का चार साल का सेवा कार्यकाल दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच पूरा होने की संभावना है। इसके बाद बड़ी संख्या में अग्निवीर राज्य की सरकारी भर्तियों में शामिल हो सकते हैं। सरकार इससे पहले ही उनके लिए आरक्षण की स्पष्ट व्यवस्था तैयार करना चाहती है।
6 सरकारी सेवाओं में आरक्षण का प्रस्ताव
प्रस्तावित व्यवस्था में अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, सशस्त्र आरक्षक, जेल प्रहरी, वनरक्षक, आबकारी और होमगार्ड से जुड़ी भर्तियों में आरक्षण देने पर विचार किया जा रहा है।
यह हॉरिजॉन्टल आरक्षण होगा। इसका अर्थ है कि अग्निवीरों के लिए निर्धारित हिस्से का लाभ संबंधित सामाजिक श्रेणियों के भीतर लागू किया जा सकता है। हालांकि, इसका अंतिम स्वरूप सरकार द्वारा तैयार किए जाने वाले नियम और कैबिनेट के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
इन सेवाओं में सैन्य प्रशिक्षण, शारीरिक दक्षता और अनुशासन जैसी योग्यताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में अग्निवीरों के लिए प्रस्तावित व्यवस्था का सीधा संबंध इन भर्तियों से जोड़ा जा रहा है।
जीएडी तैयार करेगा नई व्यवस्था का ड्राफ्ट
बैठक के बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को अग्निवीर आरक्षण की नई व्यवस्था का ड्राफ्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार विभाग को करीब 1 से 2 सप्ताह में प्रस्ताव तैयार करने की समय-सीमा दी गई है। इसके बाद प्रस्ताव मुख्यमंत्री की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और आगे इसे कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है।
फिलहाल 20% आरक्षण अंतिम फैसला नहीं है। आरक्षण का वास्तविक प्रतिशत, पात्रता और किन पदों पर किस तरीके से इसे लागू किया जाएगा, यह कैबिनेट के निर्णय और बाद की अधिसूचना से स्पष्ट होगा।
मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के साथ करना होगा समायोजन
अग्निवीरों के लिए नए आरक्षण प्रावधान को लागू करने में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के साथ इसका समायोजन होगी।
अगस्त 2026 में सामने आए 10% आरक्षण के प्रस्ताव में अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग मॉडल बताया गया था। उदाहरण के तौर पर सामान्य पुलिस आरक्षक पदों पर होमगार्ड और पूर्व सैनिकों के मौजूदा आरक्षण में बदलाव कर अग्निवीरों के लिए हिस्सा निकालने का प्रस्ताव था, जबकि विशेष सशस्त्र बल और आबकारी आरक्षक पदों पर अलग से 10% आरक्षण का प्रावधान प्रस्तावित किया गया था। जेल प्रहरी और वनरक्षक पदों पर भी मौजूदा होमगार्ड कोटे में बदलाव का मॉडल सामने आया था।
अब 20% के नए प्रस्ताव में इन प्रावधानों का स्वरूप क्या होगा, यह ड्राफ्ट और कैबिनेट के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा।
2026 की पुलिस भर्ती में अभी अलग अग्निवीर कोटा नहीं
इस बीच मध्यप्रदेश में 2026 की पुलिस आरक्षक भर्ती के लिए कर्मचारी चयन मंडल ने 7,500 पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। उपलब्ध भर्ती जानकारी में उस भर्ती के लिए अग्निवीरों के लिए अलग आरक्षण का प्रावधान नहीं बताया गया था।
इससे संकेत मिलता है कि प्रस्तावित नई व्यवस्था को लागू करने के लिए पहले नियमों और भर्ती प्रावधानों में औपचारिक बदलाव करना होगा।
पहली अग्निवीर बैच के बाहर आने से पहले तैयारी
अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों का पहला बड़ा समूह राज्य की विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए उपलब्ध होगा। ऐसे में सरकार चाहती है कि उनके लिए भर्ती व्यवस्था पहले से स्पष्ट हो।
हालांकि, फिलहाल यह पूरी प्रक्रिया प्रस्ताव के स्तर पर है। 20% आरक्षण को लेकर अंतिम निर्णय कैबिनेट और उसके बाद जारी होने वाले संबंधित नियम या अधिसूचना से ही तय होगा।





