25 सितंबर से MP में दौड़ेंगी 350 बसें, हर विधानसभा में बनेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स; कैबिनेट के बड़े फैसले

25 सितंबर से MP में दौड़ेंगी 350 बसें, हर विधानसभा में बनेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स; कैबिनेट के बड़े फैसले
भोपाल। मध्य प्रदेश में करीब दो दशक बाद सार्वजनिक बस परिवहन व्यवस्था को नए स्वरूप में शुरू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का शुभारंभ 25 सितंबर को भोपाल से होगा। सरकार के मुताबिक शुरुआत में 350 बसें चलाई जाएंगी और आगे चलकर प्रदेशभर में करीब 15 हजार बसों का नेटवर्क विकसित करने का लक्ष्य है।
बसों का संचालन निजी बस ऑपरेटरों के साथ अनुबंध के आधार पर किया जाएगा। इलेक्ट्रिक और अन्य आधुनिक बसों को प्राथमिकता देने के साथ इनमें GPS, CCTV और सुरक्षा से जुड़ी तकनीक उपलब्ध कराने की योजना है।
25 सितंबर को 350 बसों से होगी शुरुआत
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए MSME मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि परिवहन विभाग ने कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना का प्रेजेंटेशन दिया।
सरकार का कहना है कि लंबे समय से यात्री परिवहन की व्यवस्थित मॉनिटरिंग नहीं हो रही थी। नई व्यवस्था में यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, रूट मॉनिटरिंग और किराया व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की घोषणा की थी। योजना में सिटी, इंटरसिटी और अंतरराज्यीय रूट विकसित करने की तैयारी है।
2030-31 तक करीब 15 हजार बसों का लक्ष्य
सरकार ने अगले कुछ वर्षों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को व्यापक बस नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। विभिन्न रिपोर्टों में इस योजना के तहत करीब 15 हजार बसों का दीर्घकालिक लक्ष्य बताया गया है।
बसों में CCTV, GPS, लाइव लोकेशन और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे बसों की निगरानी और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।
नए बस टर्मिनल PPP मॉडल पर विकसित किए जाएंगे। यात्रियों को सही टिकट और निर्धारित किराया मिले, इसकी निगरानी पर भी जोर रहेगा।
हर विधानसभा में बनेगा मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
कैबिनेट ने प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना को भी मंजूरी दी है।
जहां 10 एकड़ या उससे अधिक जमीन उपलब्ध होगी, वहां करीब ₹7 करोड़ की लागत से खेल परिसर विकसित करने की योजना है। इनमें इनडोर और आउटडोर खेलों की सुविधाओं के साथ खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए कोच की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
कैबिनेट के फैसले की जानकारी देने वाले मंत्रियों के अनुसार इसके लिए ₹960 करोड़ का प्रावधान किया गया है। खेल परिसरों में जरूरत के अनुसार हेलिपैड की व्यवस्था भी की जा सकेगी, जिसका इस्तेमाल आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस के लिए किया जा सकता है।
2,800 MW अतिरिक्त बिजली की तैयारी
कैबिनेट ने प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरतों को देखते हुए करीब 2,800 मेगावाट क्षमता की थर्मल बिजली के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाने को मंजूरी दी है।
सरकार के मुताबिक औद्योगिक विस्तार और शहरों के बढ़ने के कारण आने वाले वर्षों में बिजली की मांग बढ़ेगी। इसी अनुमान को देखते हुए 1,900 MW और 900 MW क्षमता की परियोजनाओं के लिए कार्रवाई की जाएगी। थर्मल पावर स्टेशन तैयार होने में करीब 5 से 7 साल लग सकते हैं।
इंदौर-जबलपुर ग्रीनफील्ड हाईवे बनेगा औद्योगिक कॉरिडोर
सरकार इंदौर से भोपाल होते हुए जबलपुर तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे को औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है।
योजना के तहत मार्ग पर चार बड़े औद्योगिक क्षेत्र और सिटी डेवलपमेंट विकसित करने की बात कही गई है। सरकार का अनुमान है कि इससे करीब 2 लाख रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, इन औद्योगिक क्षेत्रों के लिए स्थान अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुए हैं।
इंदौर डेंटल कॉलेज में बढ़ेंगी सीटें
कैबिनेट ने इंदौर डेंटल कॉलेज में सीटों की संख्या 63 से बढ़ाकर 100 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इसके अलावा ₹9,061 करोड़ की विभिन्न योजनाओं को वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इनमें राजगढ़ की पार्वती नदी पर सुठालिया सिंचाई परियोजना और नीमच-जावद दाबयुक्त सिंचाई योजना सहित अन्य योजनाएं शामिल हैं।
सिंगरौली और रतलाम की हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव
सरकार सिंगरौली और रतलाम की हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगी।
इसके साथ ही मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा में PHE विभाग के कार्यालय खोलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। ग्राम न्यायालय योजना और विधिक सहायता सलाहकार बोर्ड से जुड़े प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है।
जनविश्वास अभियान का रोडमैप तैयार
कैबिनेट से पहले सरकार की ओर से जनविश्वास अभियान और प्रदेश में हुए विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की गई। बताया गया कि प्रदेश में 3.88 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए, जबकि उज्जैन में 32 लाख से अधिक दीये जलाए गए।
रक्तदान अभियान के तहत करीब 1,100 स्थानों पर गतिविधियां आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई। स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर शून्य रहने का दावा भी किया गया।
गांधीसागर में मादा चीता राधा को सॉफ्ट-रिलीज क्षेत्र में रखे जाने के बाद क्षेत्र में चीतों की संख्या से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।
25 सितंबर का जनविश्वास अभियान 26 सितंबर को
सरकार ने बताया कि 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी होने के कारण उस दिन प्रस्तावित जनविश्वास अभियान का कार्यक्रम 26 सितंबर को आयोजित किया जाएगा।
वहीं मुख्यमंत्री के बेंगलुरु रोड शो में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग फेस-2 के लिए संभावित निवेशकों के साथ चर्चा की जाएगी।
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