MP Cabinet Decisions: हर विधानसभा में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मैदान में हेलीपैड; 2,800 MW बिजली खरीद को मंजूरी

भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में खेल, परिवहन, बिजली, औद्योगिक विकास और कनेक्टिविटी से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने फैसलों की जानकारी दी।
कैबिनेट ने प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के विकास का फैसला किया है। इन परिसरों में इंडोर और आउटडोर खेल सुविधाओं के साथ हेलीपैड भी विकसित किए जाएंगे। वहीं, 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की तैयारी है। इस योजना के तहत आने वाले वर्षों में प्रदेश में करीब 15 हजार बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है।
हर विधानसभा में बनेगा मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में आधुनिक खेल परिसर विकसित किया जाएगा। जहां करीब 10 एकड़ जमीन उपलब्ध होगी, वहां इंडोर और आउटडोर खेल सुविधाओं के साथ खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
इन परिसरों में खिलाड़ियों को कोच और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 140 विधानसभा क्षेत्रों में इस स्तर की खेल सुविधाएं विकसित की जानी हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में मौजूद खेल संरचनाओं का भी विस्तार और उन्नयन किया जाएगा।
नई योजना के तहत इन परिसरों को मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जाएगा।
खेल मैदान के बीच हेलीपैड की भी व्यवस्था
इस योजना की खास बात यह है कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के साथ हेलीपैड भी विकसित किए जाएंगे। सरकार की योजना के मुताबिक इनका इस्तेमाल आपात परिस्थितियों और एयर एंबुलेंस जैसी सेवाओं के लिए किया जा सकेगा।
इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में आपात चिकित्सा की स्थिति में एयर एंबुलेंस के लिए तत्काल लैंडिंग सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा
प्रदेश में यात्री परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत 25 सितंबर से भोपाल में होगी। रिपोर्टों के मुताबिक शुरुआत में 350 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी और मार्च तक करीब 1,000 बसों को व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य है।
सरकार की योजना के अनुसार अगले कुछ वर्षों में प्रदेश में करीब 15,000 आधुनिक बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें निजी बस ऑपरेटरों की भागीदारी होगी और सरकार परिवहन व्यवस्था की मॉनिटरिंग करेगी।
बसों में GPS, CCTV, पैनिक बटन और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इलेक्ट्रिक और CNG बसों को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है। गांवों और शहरों को रेलवे स्टेशन तथा प्रमुख परिवहन केंद्रों से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा।
PPP मॉडल पर विकसित होंगे आधुनिक बस टर्मिनल
सुगम परिवहन व्यवस्था के तहत आधुनिक बस टर्मिनल, डिपो, बस स्टॉप और डिजिटल टिकटिंग जैसी सुविधाओं को विकसित करने की योजना है। इसके लिए PPP मॉडल पर भी काम किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के साथ बस संचालन की निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना है।
इंदौर-जबलपुर औद्योगिक कॉरिडोर पर जोर
कैबिनेट में औद्योगिक विकास और कनेक्टिविटी से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। इंदौर से भोपाल और भोपाल से जबलपुर के बीच ग्रीनफील्ड हाईवे तथा इंदौर-जबलपुर क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना बताई गई है।
इसके तहत अलग-अलग स्थानों पर बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने और स्किल सिटी के जरिए कौशल विकास को बढ़ावा देने की योजना है। सरकार के अनुमान के मुताबिक इससे करीब 2 लाख रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
2,800 मेगावाट थर्मल पावर खरीदने का फैसला
बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों और बिजली की मांग को देखते हुए मध्यप्रदेश कैबिनेट ने 2,800 मेगावाट थर्मल पावर खरीदने के फैसले को भी मंजूरी दी है।
सरकार के अनुसार यह बिजली व्यवस्था प्रदेश की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी। इसका लक्ष्य वर्ष 2037 तक अनुमानित बिजली मांग के अनुरूप आपूर्ति क्षमता सुनिश्चित करना है।
रतलाम और सिंगरौली की हवाई कनेक्टिविटी पर भी फैसला
कैबिनेट बैठक में रतलाम और सिंगरौली की हवाई पट्टियों के विकास से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे दोनों क्षेत्रों में हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर करने की योजना है।
इस तरह मंगलवार की कैबिनेट बैठक में खेल सुविधाओं के विस्तार से लेकर यात्री परिवहन, बिजली उत्पादन/खरीद, औद्योगिक विकास और हवाई कनेक्टिविटी तक कई क्षेत्रों से जुड़े फैसले लिए गए।





