एमपी में 618 अनुकंपा नियुक्तियां, सीएम की समीक्षा से पहले बड़ा एक्शन

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेशभर में लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों की समीक्षा किए जाने से पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी संख्या में लंबित मामलों का निराकरण किया है। विभाग ने 618 अभ्यर्थियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने के आदेश जारी किए हैं।
इनमें प्रदेश के अलग-अलग संभागों में रिक्त 587 पद और लोक शिक्षण संचालनालय के 31 पद शामिल हैं। नियुक्ति प्रक्रिया 22 और 23 सितंबर के दौरान पूरी की गई। नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद संबंधित अभ्यर्थियों को जल्द पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम की समीक्षा से पहले जुटाई गई रिक्त पदों की जानकारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में लंबे समय से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों की समीक्षा करने वाले हैं। इससे पहले लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह ने विभागीय अधिकारियों से संभागवार रिक्त पदों की जानकारी जुटाई।
इस प्रक्रिया में ऐसे पदों को भी शामिल किया गया, जो सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारियों के सहायक ग्रेड-2 पद पर पदोन्नत होने के बाद खाली हुए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार संभागों में 587 और लोक शिक्षण संचालनालय में 31 पद रिक्त मिले।
इसके बाद इन पदों के विरुद्ध लंबित अनुकंपा नियुक्ति आवेदनों की पात्रता जांच पूरी कर नियुक्ति आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
शाम से देर रात तक चली नियुक्ति की प्रक्रिया
रिपोर्ट के अनुसार प्रक्रिया में कुछ स्तरों पर देरी के बाद 22 सितंबर को नियुक्ति आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद दस्तावेजों की जांच और पात्रता सत्यापन का काम मंगलवार शाम से देर रात तक चलता रहा।
पात्रता जांच पूरी होने के बाद 618 अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश जारी किए गए। इनमें ऐसे परिवारों के सदस्य भी शामिल हैं, जो अपने दिवंगत परिजन की सरकारी सेवा के बाद लंबे समय से अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे।
पदोन्नति से खाली हुए पदों का भी किया गया इस्तेमाल
स्कूल शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों के निपटारे के लिए उपलब्ध रिक्त पदों का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारियों के प्रमोशन के बाद खाली हुए पदों को भी नियुक्तियों के लिए उपलब्ध कराया गया।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार विभाग में लंबे समय से लंबित बड़ी संख्या में अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों में से करीब 800 मामलों को दो दिनों में आगे बढ़ाया गया। हालांकि, इन सभी मामलों का अंतिम निपटारा किस स्तर पर हुआ, इसे अलग-अलग श्रेणियों में देखा जाना है।
अब जल्द जॉइनिंग के निर्देश
नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद संबंधित अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की इस कार्रवाई से उन परिवारों को राहत मिलने की संभावना है, जिनके अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण लंबे समय से लंबित थे।
अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु के बाद उसके पात्र आश्रित परिवार को आर्थिक संकट से उबरने में सहायता देना है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी हाल के एक फैसले में कहा है कि ऐसी नियुक्ति का उद्देश्य परिवार को तत्काल आर्थिक संकट से उबारना है और मामलों में अनावश्यक देरी इस उद्देश्य को प्रभावित कर सकती है।
लंबित मामलों की समीक्षा पर नजर
स्कूल शिक्षा विभाग की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेशभर में लंबित अनुकंपा नियुक्ति मामलों की स्थिति की समीक्षा करने वाले हैं। ऐसे में 618 नियुक्ति आदेशों को लंबित प्रकरणों के निपटारे की दिशा में विभाग की बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।





