MP OBC Reservation: राहुल गांधी ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र, 13% होल्ड पदों पर नियुक्ति की मांग

भोपाल। मध्य प्रदेश में 27% OBC आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेश में 27% OBC आरक्षण लागू करने और 87:13 व्यवस्था के तहत लंबित 13% पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की है। राहुल गांधी ने यह पत्र 22 सितंबर 2026 को लिखा था और इसे सार्वजनिक भी किया।
राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के छात्रों ने शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दे उठाए। इनमें OBC आरक्षण के कारण लंबित नियुक्तियों का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया।

परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी, फिर भी नियुक्ति का इंतजार
राहुल गांधी के पत्र के मुताबिक, अभ्यर्थियों ने संबंधित परीक्षाएं पास करने के साथ भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके बावजूद 27% OBC आरक्षण से जुड़े विवाद के कारण 13% पदों पर नियुक्तियां लंबित हैं।
उन्होंने कहा कि 87:13 व्यवस्था के तहत 87% पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, जबकि शेष 13% पदों को विवाद के अंतिम समाधान तक लंबित रखा गया। उनके अनुसार, इन पदों पर चयनित अभ्यर्थी 2022 से नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों में भी 27% OBC आरक्षण से जुड़े कानूनी विवाद और 87:13 व्यवस्था का उल्लेख है। अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, विवादित 13% हिस्से में OBC और अनारक्षित उम्मीदवारों की अलग-अलग सूचियां लंबित रखी गई हैं।
27% OBC आरक्षण का मामला अदालत में लंबित
मध्य प्रदेश में OBC आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% करने का प्रावधान 2019 में किया गया था। इसके खिलाफ न्यायालय में याचिकाएं दायर हुईं। मई 2022 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तहत 27% के अतिरिक्त 13% आरक्षण को लागू करने पर रोक लगाई और OBC आरक्षण को उस समय 14% तक सीमित रखने का निर्देश दिया था।
इसके बाद भर्ती प्रक्रिया में 87:13 व्यवस्था अपनाई गई। हाईकोर्ट के बाद के आदेशों में भी 87% पदों को निर्विवाद हिस्सा और शेष 13% पदों को OBC आरक्षण की वैधता से जुड़े विवाद के कारण लंबित रखने की व्यवस्था का उल्लेख मिलता है।
राहुल गांधी बोले- सभी दलों ने 27% आरक्षण का समर्थन किया
राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने 27% OBC आरक्षण का समर्थन किया था, लेकिन इसके बावजूद मामला अब तक हल नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि नियुक्तियों में देरी के कारण अभ्यर्थी लंबे समय से अनिश्चितता की स्थिति में हैं और उन्हें अपनी मांग को लेकर बार-बार आंदोलन करना पड़ रहा है। यह राहुल गांधी का राजनीतिक दावा है; वर्तमान कानूनी स्थिति में 27% आरक्षण का अतिरिक्त 13% हिस्सा अदालत में लंबित विवाद से जुड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री से छात्रों के प्रतिनिधियों से मिलने की अपील
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से छात्रों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो युवा चार साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं, उनके समय और भविष्य को और लंबा इंतजार नहीं कराया जाना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से 27% OBC आरक्षण लागू करने और लंबित 13% पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने की मांग की है।
CM मोहन यादव ने पहले क्या कहा था?
इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान OBC आरक्षण से जुड़ा सवाल उठाए जाने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा था कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर तथ्यों और आंकड़ों के साथ चर्चा होनी चाहिए। बाद में भाजपा की ओर से यह भी कहा गया कि 13% पदों का मामला न्यायालयीन प्रक्रिया से जुड़ा है।
इस तरह 27% OBC आरक्षण और लंबित 13% पदों का मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। फिलहाल अतिरिक्त 13% आरक्षण से जुड़ा कानूनी विवाद अदालत में लंबित है और इसी के चलते इन पदों पर अंतिम नियुक्तियों का प्रश्न बना हुआ है।





