MP News: MP नगरीय निकायों में भ्रष्टाचार पर बड़ा एक्शन: 146 अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई, 3.20 करोड़ की वसूली और 80 फर्में ब्लैकलिस्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में अनियमितताओं को लेकर मोहन सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग की विभागीय जांच के बाद 62 मामलों में कुल 146 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें गंभीर अनियमितताओं के आरोप में 7 अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्त किया गया, जबकि 76 अधिकारी-कर्मचारियों की वेतनवृद्धि रोक दी गई। इसके अलावा 17 सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन और अन्य लाभों में कटौती की गई है।
विभाग ने सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने से जुड़े 38 प्रकरणों में 3.20 करोड़ रुपये की वसूली के आदेश भी जारी किए हैं। वहीं, जांच में आरोप साबित नहीं होने पर 22 लोकसेवकों को दोषमुक्त कर दिया गया।
खरीदी में गड़बड़ी पर अधिकारियों पर कार्रवाई
जांच के दौरान नगरीय निकायों में खरीदी से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आईं। न्यूटन चिखली में एक अधिकारी द्वारा अपनी पत्नी के नाम पर ऑनलाइन संस्था बनाकर सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल से खरीदी करने का मामला सामने आया। इस प्रकरण में संबंधित अधिकारी की तीन वेतनवृद्धियां रोकने की कार्रवाई की गई।
वहीं, कोटर में वाटर टैंकर और ट्रैक्टर-ट्रॉली की महंगी खरीदी के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों से वसूली के आदेश दिए गए। सिवनी और तरीचरकलां में भी खरीदी से जुड़ी गड़बड़ियों पर विभाग ने कार्रवाई की है।
80 ठेकेदार फर्मों को किया ब्लैकलिस्ट
निर्माण कार्यों में देरी करने, काम शुरू नहीं करने और फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी देने के मामलों में 80 ठेकेदार फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। इनमें अमृत योजना से जुड़ी 48 और नगर निगम ग्वालियर से संबंधित 19 फर्में शामिल हैं। इन फर्मों पर 6 महीने से लेकर 3 साल तक का प्रतिबंध लगाया गया है।
सरकार की इस कार्रवाई का उद्देश्य नगरीय निकायों में वित्तीय अनियमितताओं पर अंकुश लगाना और सरकारी धन के उपयोग में जवाबदेही तय करना है। विभागीय जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ की गई कार्रवाई से निकायों में प्रशासनिक सख्ती बढ़ने के संकेत मिले हैं।





