Priyanka Sengar: प्रियंका सेंगर की आंख का होगा इलाज, राहुल गांधी की टीम ने परिवार से किया संपर्क
Priyanka Sengar: प्रियंका सेंगर की आंख का होगा इलाज, राहुल गांधी की टीम ने परिवार से किया संपर्क

बड़वानी/इंदौर। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की प्रियंका सेंगर की आंख के इलाज के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की टीम ने उनके परिवार से संपर्क किया है। 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने मंच पर प्रियंका से बातचीत की थी। इसी दौरान उनकी नजर प्रियंका की आंख पर गई और उन्होंने उसकी समस्या के बारे में पूछा था।
प्रियंका ने राहुल गांधी को बताया था कि जब वह करीब 3 साल की थीं, तब उनकी आंख में चूना चला गया था। इसके बाद उनकी एक आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई। 12वीं कक्षा के दौरान बड़ौदा में उनकी आंख का ऑपरेशन भी हुआ था। डॉक्टरों ने आगे एक और ऑपरेशन की जरूरत बताई थी, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण इलाज आगे नहीं बढ़ सका।
अब राहुल गांधी की टीम की ओर से परिवार से संपर्क किए जाने के बाद प्रियंका को इलाज के लिए जल्द दिल्ली बुलाए जाने की बात कही गई है।
दिल्ली से आया फोन, इलाज के लिए बुलाने की बात
प्रियंका ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि इंदौर के कार्यक्रम के बाद दिल्ली से राहुल गांधी की टीम की एक महिला का फोन आया था। फोन पर उनसे इलाज के लिए दिल्ली आने के संबंध में बात की गई।
इसके बाद बड़वानी जिले के समाजसेवी सरदार नरगावे और विधायक विक्रांत भूरिया की ओर से भी परिवार से संपर्क किया गया। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी प्रियंका को मिलने के लिए बुलाया।
प्रियंका के मुताबिक, पटवारी ने उनके पिता उदय सिंह सेंगर से फोन पर बेटी की आंख के इलाज और परिवार की आर्थिक परिस्थितियों को लेकर चर्चा की।
किसान पिता के पास तीन एकड़ जमीन, लेकिन सिंचाई की समस्या
प्रियंका के पिता उदय सिंह सेंगर किसान हैं। परिवार के पास करीब तीन एकड़ जमीन है, लेकिन पर्याप्त सिंचाई सुविधा नहीं होने के कारण खेती से नियमित आमदनी नहीं हो पाती।
परिवार के लिए बेटी के इलाज का खर्च उठाना मुश्किल रहा। बड़ौदा में एक बार ऑपरेशन कराने के बाद डॉक्टरों ने आगे के उपचार की सलाह दी थी, लेकिन आर्थिक परेशानी के कारण इलाज नहीं हो सका।
अब राहुल गांधी की टीम के संपर्क के बाद परिवार को उम्मीद है कि प्रियंका का आगे का इलाज संभव हो सकेगा।
वर्षों से एक आंख की रोशनी लौटने का सपना
प्रियंका ने कहा कि इतने वर्षों बाद उनकी उम्मीद पूरी होने की संभावना बनी है। वह चाहती हैं कि इलाज के बाद वह सामान्य लोगों की तरह देख सकें और अपनी पढ़ाई के सपनों को आगे बढ़ा सकें।
आंख की समस्या के बावजूद प्रियंका ने पढ़ाई जारी रखी। फिलहाल वह इंदौर में रहकर UGC-NET की तैयारी कर रही हैं। उनके लिए प्रस्तावित इलाज सिर्फ स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि आगे की पढ़ाई और करियर के सपनों से भी जुड़ा है।
राहुल गांधी से हॉस्टल की समस्याओं पर भी की थी बात
19 सितंबर को इंदौर के रीजनल पार्क के सामने आईडीए मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में प्रियंका ने राहुल गांधी से बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों और बड़े शहरों में संचालित सरकारी छात्रावासों से जुड़ी समस्याएं भी उठाई थीं।
प्रियंका ने सरकारी हॉस्टलों में सीटों की कमी, भोजन और अन्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए हॉस्टलों की संख्या और सीटें बढ़ाने की मांग की थी।
उन्होंने राहुल गांधी को बताया था कि उन्होंने कक्षा 1 से 12वीं तक सरकारी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई की है। उनके अनुसार, कई बार हॉस्टल में भोजन की व्यवस्था ठीक नहीं रहती थी और ऐसे समय में उन्हें घर से लाई लाल मिर्च की चटनी के साथ रोटी खाकर गुजारा करना पड़ता था।
वार्डन पर छात्राओं से काम करवाने का आरोप
प्रियंका ने कार्यक्रम में छात्रावासों की व्यवस्थाओं को लेकर कुछ और समस्याएं भी बताई थीं। उनके अनुसार, हॉस्टल में छात्राओं से वार्डन द्वारा काम करवाया जाता था।
उन्होंने यह भी बताया था कि 12वीं के बाद कॉलेज की पढ़ाई के लिए सरकारी हॉस्टल नहीं मिलने पर छात्राओं को किराए के कमरों में रहना पड़ता है। उनके मुताबिक, कमरे का किराया पहले खुद देना पड़ता है और सरकार की ओर से मिलने वाला आवास भत्ता बाद में निर्धारित राशि के रूप में मिलता है, जबकि वास्तविक किराया उससे अधिक हो सकता है।
प्रियंका ने इन्हीं समस्याओं को छात्रों के सामने रखकर सरकारी हॉस्टल व्यवस्था में सुधार और सीटें बढ़ाने की मांग की थी।
अब दिल्ली में इलाज का इंतजार
बड़वानी के पाडछा गांव की रहने वाली प्रियंका फिलहाल इंदौर में रहकर UGC-NET की तैयारी कर रही हैं। वर्षों से आंख की रोशनी से जुड़ी समस्या के बीच उन्होंने पढ़ाई जारी रखी है।
अब राहुल गांधी की टीम की ओर से संपर्क किए जाने और दिल्ली में इलाज के लिए बुलाए जाने की बात सामने आने के बाद प्रियंका और उनके परिवार को आगे के उपचार की उम्मीद जगी है। हालांकि, इलाज की प्रक्रिया, अस्पताल और ऑपरेशन की तारीख से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।





