ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के राज्यपाल, 4 बार विधायक और बालाघाट से रह चुके हैं सांसद

मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। सिवनी जिले से आने वाले बिसेन का प्रदेश की राजनीति में लंबा अनुभव रहा है। वे चार बार विधायक, मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और बालाघाट लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं। राज्यपाल की जिम्मेदारी मिलने पर मध्य प्रदेश के नेताओं ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मंत्री प्रहलाद पटेल और कैलाश विजयवर्गीय ने भी उनकी नियुक्ति पर खुशी जताई।
चार बार विधायक और एक बार सांसद रहे बिसेन
डॉ. ढाल सिंह बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को सिवनी जिले के पिपरिया में हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत विधानसभा चुनावों से की। वे पहली बार 1990 में विधायक चुने गए। इसके बाद 1993, 1998 और 2003 में भी विधानसभा पहुंचे।
वर्ष 2003 से 2005 तक उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा, 2011 से 2013 तक वे मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे।
बिसेन वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में बालाघाट सीट से भाजपा के टिकट पर सांसद चुने गए थे। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उनकी जगह भारती पारधी को उम्मीदवार बनाया था। राजनीति के अलावा बिसेन सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं। वे आयुर्वेद और होम्योपैथी के चिकित्सक भी हैं।
कर्नाटक में सुधा यादव लेंगी थावरचंद गहलोत की जगह
राज्यपालों की नियुक्तियों में कर्नाटक भी शामिल है। वहां मौजूदा राज्यपाल थावरचंद गहलोत का कार्यकाल पूरा होने के बाद डॉ. सुधा यादव को नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। गहलोत मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद रह चुके हैं।
मध्य प्रदेश के राज्यपाल पर फैसला बाकी
मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल के कार्यकाल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके कार्यकाल को बढ़ाने या नई नियुक्ति के संबंध में कोई फैसला सामने नहीं आया है।
डॉ. ढाल सिंह बिसेन की नियुक्ति से मध्य प्रदेश के एक वरिष्ठ नेता को संवैधानिक पद की जिम्मेदारी मिली है। उनका लंबा राजनीतिक अनुभव अब उत्तराखंड में राज्यपाल के रूप में उनकी भूमिका का हिस्सा होगा।





