धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दमोह गौकशी और सागर जहरीली शराब कांड पर बयान, बोले- नशे से समाज को खतरा

दमोह। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दमोह में गौकशी की घटना और सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने समाज में बढ़ते नशे के चलन पर सवाल उठाते हुए लोगों से नशामुक्ति का संकल्प लेने की अपील की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए भी एक बयान दिया, जिस पर चर्चा हो रही है।
दमोह में गौकशी की घटना पर जताई चिंता
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों बुंदेलखंड में रथयात्रा निकालकर सनातनी हिंदुओं को एकजुट होने का संदेश दे रहे हैं। सोमवार देर रात उनकी यात्रा दमोह जिले के हटा पहुंची। रात करीब 3 बजे भी बड़ी संख्या में लोग उन्हें सुनने के लिए मौजूद थे।
इस दौरान उन्होंने दमोह में सामने आई गौकशी की घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गाय को मां मानने वाले समाज में ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। इस मुद्दे पर उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
जहरीली शराब कांड का जिक्र कर नशे पर चेताया
सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब कांड का जिक्र करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि समाज को जाति-पाति से जितना खतरा है, उतना ही खतरा शराब और नशे से भी है। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
बुंदेलखंड में नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर उन्होंने लोगों से संकल्प लेने और नशामुक्ति की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया।
महिलाओं से बोले- दुर्गा बनना काली बनना...
सभा के दौरान महिला शक्ति को संबोधित करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, “दुर्गा बनना, काली बनना, लेकिन बुर्के वाली नहीं बनना।” उनके इस बयान ने भी ध्यान खींचा।
बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपनी रथयात्रा का उद्देश्य बताया। यात्रा के दौरान वे हिंदू एकता का संदेश देने के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों और नशे से दूर रहने की अपील कर रहे हैं।





