हरदीप सिंह पुरी ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए भरा नामांकन, सीएम मोहन यादव समेत भाजपा के दिग्गज नेता रहे मौजूद

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। वे सुबह करीब 11:30 बजे भोपाल स्थित विधानसभा भवन पहुंचे। नामांकन से पहले उन्होंने गुरुद्वारे में मत्था टेका और करुणा धाम आश्रम पहुंचकर संत सुदेश शांडिल्य महाराज से आशीर्वाद लिया। दूसरी ओर, नामांकन के दौरान विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पुलिस ने युवा कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने 28 अक्टूबर को हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से प्रत्याशी घोषित किया था। यह सीट केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के 13 अक्टूबर को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था।
सीएम और दोनों डिप्टी सीएम रहे मौजूद
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनके अलावा मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, नरेंद्र शिवाजी पटेल और विधायक सुरेंद्र पटवा भी विधानसभा पहुंचे।
नामांकन के लिए मंत्री कृष्णा गौर प्रस्तावक बनीं। उन्होंने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पुरी के नामांकन के समर्थन में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे।
सीएम बोले- दिवाली से पहले प्रदेश को मिलेगा सांसद का उपहार
नामांकन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय चुनाव समिति के फैसले के बाद हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने कहा कि दिवाली से पहले मध्य प्रदेश को पुरी के रूप में एक सांसद का उपहार मिलने जा रहा है।
सीएम ने कहा कि हरदीप सिंह पुरी का संसदीय जीवन लंबा रहा है। केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने मध्य प्रदेश को बीना रिफाइनरी, नागरिक उड्डयन, स्मार्ट सिटी, मेट्रो रेल, मेट्रोपॉलिटन सिटी और स्वच्छता अभियान जैसी कई सौगातें दी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी पुरी प्रदेश के विकास में योगदान देंगे।
नामांकन के दौरान मीडिया से दूर रहे पुरी
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने नामांकन से पहले और बाद में मीडिया से बातचीत नहीं की। मीडिया के सामने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने ही पार्टी का पक्ष रखा।
राज्यसभा चुनाव का क्या है गणित?
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। सामान्य परिस्थितियों में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 116 मतों की जरूरत होती है। हालांकि, कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले पाने के कारण चुनाव का गणित 229 विधायकों के आधार पर तय होगा।
इस चुनाव में बीना से विधायक निर्मला सप्रे की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। वे आधिकारिक तौर पर खुद को कांग्रेस में बताती हैं, लेकिन भाजपा के कार्यक्रमों में भी सक्रिय दिखाई देती हैं। दलबदल से जुड़े मामले के चलते उनके मतदान को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही दोनों दलों के मतों का सटीक गणित सामने आएगा।
गुरुद्वारे में अरदास के बाद करुणा धाम पहुंचे पुरी
शुक्रवार रात भोपाल पहुंचे हरदीप सिंह पुरी शनिवार सुबह सबसे पहले गुरुद्वारे गए और अरदास की। इसके बाद वे करुणा धाम आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने आश्रम के पीठाधीश्वर गुरुदेव सुदेश शांडिल्य महाराज से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, विधायक भगवानदास सबनानी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विरोध की आशंका में युवा कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन का विरोध करने की कांग्रेस की योजना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन सुबह से सतर्क रहा। भोपाल में प्रदर्शन की आशंका के चलते पुलिस ने युवा कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में लेकर अलग-अलग थानों में बैठाया।
- युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार और जिला अध्यक्ष अंकित दुबे को हबीबगंज थाने ले जाया गया।
- मोहित सक्सेना को अयोध्या नगर थाने में बैठाया गया।
- अमित खत्री को ऐशबाग थाने ले जाया गया।





