जबलपुर डाकघर में 65 लाख रुपये का गबन: CBI कोर्ट ने पुनीत सेन को सुनाई 4 साल की जेल, 181 खाताधारकों से हुआ था फर्जीवाड़ा

जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में मोतीनाला उप डाकघर में हुए 65 लाख रुपये से अधिक के गबन मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सह-आरोपी पुनीत सेन को 4 साल की कैद की सजा सुनाई है। इस मामले के मुख्य आरोपी बलवान सिंह भलावी की पहले ही मौत हो चुकी है। डाकघर में खाताधारकों की जमा रकम में हेराफेरी का यह मामला सितंबर 2020 से अप्रैल 2022 के बीच का है।
पासबुक में फर्जी एंट्री कर हड़पी रकम
मोतीनाला उप डाकघर में खाताधारकों की बचत राशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई थी। आरोपियों ने लोगों से उनके बचत खातों में जमा कराने के लिए रुपये लिए और पासबुक में रकम जमा होने की एंट्री भी कर दी। लेकिन वास्तव में यह पैसा संबंधित खातों में जमा ही नहीं किया गया।
इतना ही नहीं, खाताधारकों की जानकारी के बिना उनके खातों से फर्जी निकासी पत्रों के जरिए रकम भी निकाल ली गई। इस तरह डाकघर में जमा लोगों की मेहनत की कमाई का गबन किया गया।
181 खाताधारकों के खातों में हुई गड़बड़ी
सीबीआई की जांच में सामने आया कि सितंबर 2020 से अप्रैल 2022 के बीच 181 खाताधारकों के खातों से रकम की हेराफेरी की गई थी। अलग-अलग खातों से 1 हजार रुपये से लेकर 2 लाख 86 हजार रुपये तक की राशि निकाली गई।
इस पूरे फर्जीवाड़े में गबन की कुल रकम 65 लाख रुपये से अधिक पाई गई। शुरुआती आरोपों में 179 खाताधारकों की जमा राशि हड़पने की बात सामने आई थी, जबकि जांच में 181 खातों में गड़बड़ी का खुलासा हुआ।
मुख्य आरोपी को मई 2022 में किया था निलंबित
डाकघर में गबन का मामला सामने आने के बाद प्रवर डाक अधीक्षक ने इसकी शिकायत सीबीआई से की थी। विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बलवान सिंह भलावी को मई 2022 में निलंबित कर दिया गया था।
मामले की जांच और अदालती सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी बलवान सिंह भलावी की मौत हो गई। वहीं, सह-आरोपी पुनीत सेन के खिलाफ सुनवाई जारी रही।
अब सीबीआई की विशेष अदालत ने पुनीत सेन को दोषी ठहराते हुए 4 साल की कैद की सजा सुनाई है।





