MP दिव्यांग भर्ती 2026: 20 हजार खाली पदों पर विशेष अभियान शुरू, 31 दिसंबर तक होगी प्रक्रिया

MP दिव्यांग भर्ती 2026: 20 हजार खाली पदों पर विशेष अभियान शुरू, 31 दिसंबर तक होगी प्रक्रिया
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में दिव्यांगजन के लिए आरक्षित खाली पदों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान शुरू किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के निर्देशों के मुताबिक, यह अभियान 9 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक चलेगा। इसके बाद हर साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच विशेष भर्ती अभियान चलाया जाएगा।
इस भर्ती प्रक्रिया की खास बात यह है कि चयन में इंटरव्यू के लिए अलग से अंक नहीं दिए जाएंगे। अभ्यर्थियों का चयन संबंधित पद के भर्ती नियमों, शैक्षणिक योग्यता और निर्धारित पात्रता के आधार पर तैयार मेरिट सूची से किया जाएगा।
प्रदेश में 20 हजार पद खाली होने का दावा
विभागीय सर्वे के मुताबिक, मध्य प्रदेश में दिव्यांगजन के लिए करीब 36 हजार पद आरक्षित हैं। इनमें से लगभग 16 हजार पदों पर दिव्यांगजन कार्यरत हैं, जबकि करीब 20 हजार पद खाली बताए जा रहे हैं।
आयुक्त दिव्यांगजन डॉ. अजय खेमरिया के अनुसार, पुराने रिक्त पदों को भरने के लिए लंबे समय से विशेष भर्ती अभियान शुरू करने की मांग की जा रही थी। अब सरकार ने इस दिशा में प्रक्रिया शुरू की है।
इंटरव्यू नहीं मेरिट से होगा चयन
सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कुछ अहम प्रावधान किए गए हैं।
- इंटरव्यू के अंक नहीं: चयन प्रक्रिया में इंटरव्यू के लिए अलग से अंक नहीं जोड़े जाएंगे।
- मेरिट के आधार पर चयन: संबंधित पद के भर्ती नियमों, शैक्षणिक योग्यता और पात्रता के अनुसार मेरिट सूची तैयार होगी।
- विज्ञापन जरूरी: विभागों को कम से कम दो प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों के साथ अपनी वेबसाइट और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के पोर्टल पर भर्ती का विज्ञापन प्रकाशित करना होगा।
- 30 दिन का समय: विज्ञापन जारी होने के कम से कम 30 दिन बाद ही भर्ती अभियान की तारीख और स्थान तय किए जाएंगे।
विज्ञापन में पदों की संख्या, दिव्यांगता की श्रेणी और आवश्यक योग्यता का स्पष्ट उल्लेख करना होगा।
दस्तावेजों की जांच के बाद मिलेगा आपत्ति का मौका
भर्ती के लिए मिले आवेदनों और दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच के बाद पात्र और अपात्र अभ्यर्थियों की अलग-अलग सूची तैयार की जाएगी। इसे संबंधित वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। अपात्र सूची जारी होने के बाद अभ्यर्थियों को 15 दिन के भीतर दावा-आपत्ति दर्ज करने का अवसर मिलेगा।
इसके बाद मेरिट के आधार पर विज्ञापित पदों की संख्या से अधिकतम दो गुना अभ्यर्थियों को मूल दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। यदि किसी अभ्यर्थी का चयन दो विभागों में होता है और वह एक विभाग का विकल्प चुनता है, तो दूसरे विभाग में खाली हुआ पद प्रतीक्षा सूची से भरा जा सकेगा
हर साल जनवरी से मार्च तक चलेगा अभियान
सरकार ने इस विशेष भर्ती व्यवस्था को नियमित रूप देने के लिए हर साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच अभियान चलाने का प्रावधान किया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 29 अप्रैल 2025 को जारी पुराने आदेश को निरस्त कर नया ऑनलाइन रिकॉर्ड सिस्टम लागू किया गया है।
दिव्यांग अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे अपने शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, वैध दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग का आधिकारिक विज्ञापन जरूर देखें, क्योंकि पदों की संख्या, पात्रता और चयन की शर्तें विभाग के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
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