मध्यप्रदेश में जूनियर और पीजी डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा, सीनियर रेजिडेंट को अब मिलेंगे ₹94,853 प्रतिमाह

मध्यप्रदेश में जूनियर और पीजी डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा, सीनियर रेजिडेंट को अब मिलेंगे ₹94,853 प्रतिमाह
भोपाल। मध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सेवाएं दे रहे जूनियर रेजिडेंट, पीजी और सुपर स्पेशियलिटी के डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार, बढ़ी हुई राशि अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। इस फैसले से प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टरों को हर महीने पहले के मुकाबले अधिक मानदेय मिलेगा।
जारी जानकारी के मुताबिक, पीजी और सुपर स्पेशियलिटी के रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड में उनकी श्रेणी के अनुसार 3,464 रुपये से लेकर 4,050 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। सीनियर रेजिडेंट को अब 94,853 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे, जबकि पीजी के तीनों वर्षों और जूनियर रेजिडेंट के मानदेय में भी इजाफा किया गया है।
किस श्रेणी के डॉक्टर को कितना मिलेगा स्टाइपेंड?
पीजी प्रथम वर्ष: 77,662 रुपये से बढ़कर 81,126 रुपये प्रतिमाह।
पीजी द्वितीय वर्ष: 80,050 रुपये से बढ़कर 83,620 रुपये प्रतिमाह।
पीजी तृतीय वर्ष: 82,441 रुपये से बढ़कर 86,118 रुपये प्रतिमाह।
सीनियर रेजिडेंट: 90,803 रुपये से बढ़कर 94,853 रुपये प्रतिमाह।
जूनियर रेजिडेंट: 63,324 रुपये से बढ़कर 66,148 रुपये प्रतिमाह।
अप्रैल 2026 से मिलेगा बढ़ोतरी का लाभ
स्टाइपेंड में यह संशोधन अप्रैल 2026 से लागू माना जाएगा। इससे पात्र डॉक्टरों को संशोधित दरों के अनुसार भुगतान किया जाएगा। हालांकि, वास्तविक भुगतान और बकाया राशि से संबंधित प्रक्रिया चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश और संबंधित संस्थानों के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टर मरीजों के उपचार के साथ-साथ प्रशिक्षण और अस्पताल की विभिन्न चिकित्सकीय सेवाओं में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में स्टाइपेंड में बढ़ोतरी से उन्हें आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।