MP OBC Reservation Protest: 16 अक्टूबर को भोपाल में मंत्रियों के बंगलों पर प्रदर्शन, दामोदर यादव ने किया ऐलान

भोपाल। मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नेता दामोदर यादव ने 16 अक्टूबर को भोपाल में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि पार्टी के साथ आरक्षण की मांग कर रहे अभ्यर्थी और विभिन्न सामाजिक संगठन भी आंदोलन में शामिल होंगे।
कृष्णा गौर और शिवराज सिंह चौहान के बंगलों पर प्रदर्शन
दामोदर यादव के मुताबिक, 16 अक्टूबर को भोपाल में मंत्री कृष्णा गौर और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बंगलों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलन के जरिए ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर सरकार के सामने अपनी मांगें रखी जाएंगी।
सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने के कदम पर सवाल उठाते हुए यादव ने कहा कि ओबीसी समाज अपने अधिकारों के लिए सड़क से लेकर अदालत तक संघर्ष करेगा। उन्होंने आरक्षण को संवैधानिक अधिकार बताते हुए कहा कि अब लड़ाई 27 प्रतिशत नहीं, बल्कि 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर होगी।
कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लगाया धोखे का आरोप
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पिछड़े वर्ग के साथ न्याय नहीं किया। अग्रवाल ने दावा किया कि कमलनाथ सरकार ने ओबीसी आरक्षण के मामले में ठोस फैसले लिए थे। उन्होंने कहा कि विभिन्न संगठनों के आंदोलन से इस मुद्दे पर ओबीसी वर्ग का असंतोष सामने आ रहा है।
भाजपा बोली- सरकार मजबूती से लड़ रही है लड़ाई
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सतेंद्र जैन ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ओबीसी वर्ग के अधिकारों के लिए न्यायालय और सरकार के स्तर पर अपने अधिकारों के तहत प्रयास कर रही है।
जैन ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने मंडल कमीशन की रिपोर्ट और कालेलकर आयोग की सिफारिशों पर पर्याप्त अमल नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में पिछड़े वर्ग को उनके अधिकार दिलाने के लिए काम किया जा रहा है।
16 अक्टूबर के प्रदर्शन पर नजर
ओबीसी आरक्षण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब 16 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन पर नजर रहेगी। आजाद समाज पार्टी ने मंत्रियों के बंगलों पर धरने का ऐलान किया है। प्रदर्शन के दौरान उठने वाली मांगों और सरकार की प्रतिक्रिया से इस मुद्दे पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





