एमपी: ‘पंचायत’ के प्रधान जी रघुवीर यादव को मिलेगा राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान, 13 अक्टूबर को खंडवा में अलंकरण

मध्यप्रदेश के खंडवा में किशोर कुमार की स्मृतियों को समर्पित दो दिवसीय राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान अलंकरण समारोह एवं गीत-संगीत संध्या का आयोजन 12 और 13 अक्टूबर को किया जाएगा। मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में वर्ष 2026 का राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान सिनेमा और रंगमंच के बहुमुखी अभिनेता रघुवीर यादव को प्रदान किया जाएगा।
सम्मान समारोह का मुख्य आयोजन 13 अक्टूबर की शाम खंडवा के पुलिस ग्राउंड में होगा। सम्मान मिलने के बाद मशहूर गायक सुदेश भोसले और उनकी टीम गीत-संगीत की प्रस्तुति देगी। कार्यक्रम शाम 7 बजे से शुरू होगा और दर्शकों के लिए प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।
इससे एक दिन पहले 12 अक्टूबर को ‘ये शाम मस्तानी’ नाम से संगीत संध्या आयोजित की जाएगी। इसमें खंडवा के युवा गायक कलाकार सुनील शर्मा, संध्या ग्रेवाल, अंकुश पटेल, रजत लाड़, रोशनी पहलवान और पूजा पुरा प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप जैन करेंगे।
1997 से दिया जा रहा है सम्मान
किशोर कुमार की स्मृति में मध्यप्रदेश शासन की ओर से यह प्रतिष्ठित सम्मान वर्ष 1997 से दिया जा रहा है। अब तक सिनेमा के क्षेत्र में निर्देशन, अभिनय, पटकथा और गीत लेखन के लिए 29 विभूतियों को यह सम्मान प्रदान किया जा चुका है।
सम्मान के तहत पांच लाख रुपये की करमुक्त राशि और प्रशस्ति पट्टिका दी जाती है। यह पुरस्कार सिनेमा के क्षेत्र में दीर्घ साधना, उत्कृष्टता और उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए प्रदान किया जाता है।
रंगमंच से सिनेमा और ‘प्रधान जी’ तक का सफर
25 जून 1957 को जबलपुर में जन्मे रघुवीर यादव ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली से प्रशिक्षण लिया। उनका अभिनय सफर रंगमंच से शुरू हुआ और बाद में उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।
फिल्म ‘मैसी साहब’ से बड़े पर्दे पर पहचान बनाने वाले रघुवीर यादव ने ‘सलाम बॉम्बे!’, ‘बैंडिट क्वीन’, ‘दिल से’, ‘लगान’, ‘वॉटर’ और ‘पीपली लाइव’ जैसी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। सहज और चरित्र-केंद्रित अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले यादव ने हाल के वर्षों में वेब सीरीज ‘पंचायत’ के ‘प्रधान जी’ के किरदार से नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी खास पहचान बनाई है।
अभिनय के साथ रघुवीर यादव गायन और संगीत से भी जुड़े रहे हैं। खंडवा में होने वाला यह दो दिवसीय आयोजन किशोर कुमार की स्मृतियों के साथ शहर की सांस्कृतिक पहचान को भी एक बार फिर केंद्र में लाएगा।





